भावनांना नसते भाषा तयासी प्रेमाची आशा । सोडुनी सार्या निराशा धावते मन दशदिशा । Sanjay R. कभी उनकी यादे कभी उनके वादे । दिलमे न कोइ उमंग न रहे कोइ इरादे । जिते जागते है हम पिठपर बोझ लादे । अबभी चाहते उनको कोइ उन्हे याद दिलादे । Sanjay R.

via ” कुछ वादे कुछ इरादे “ — "माझ्या कविता" : Sanjay Ronghe

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